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Other Headline
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About Corruption |
कानून पर राजनीति हावी/Politics dominate Law |
शासन चलता है तलवारों से./Government moves to swords. |
समन तामील कानून में संशोधन हो |
कानून में संशोधन |
Road blocks of quick justice |
Time to adopt extra-ordinary Measures! |
कानून में संशोधन |
तय समय के बाद भी खिंचते हैं मामले |
बीवी आ गई वापस, गले पड़ गया केस |
जवाबदेही तय करनी होगी |
संस्कृति के पतन ने हमें यहां ला दिया |
कोर्ट में मुकदमा नहीं, वारंट जारी |
जवानी गुजर गई, इंसाफ बाकी है |
उम्र निकल गई पर नहीं हुई याचिका पर सुनवाई |
reasons for a continuous decline in the quality of the profession |
so call AAZADI |
impact on public opinion |
तो रास्ता कौन दिखायेगा |
जब जागो तभी सबेरा |
पुराने कानून में बदलाव लाया जाए |
चार फुट के रास्ते के लिए 18 साल से संघर्ष |
बीवी रह रही साथ, साढ़ू ने दर्ज कराया केस |
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media and justice |
आम आदमी से दूरी बढ़ी हैं |
न्याय त्वरित, सस्ता व सुलभ हो |
जमीन में मिले, जमीन न मिली |
Misuses of 498a |
nirman-noida |
सिस्टम की खता बनी बुढ़ापे में सजा |
इंसाफ की लड़ाई में राजा से हुआ रंक |
संवैधानिक अधिकार व आदिवासियों की उत्तरजीविता |
19 अभ्यर्थियों का भविष्य खतरे में |
लंबित मामलों के निपटारे हेतु विशेष कदम उठाने की जरूरत |
बदलाव नहीं जागरूकता की आवश्यकता |
आजादी के बाद जो बदलाव होने थे |
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satyanand |
mukadamo ko phasalo kasamaya taya kare |
Chor-Chor Mosere Bhai |
कानून की भाषा सरल हो |
कल का राजा आज रंक |
न्यायिक प्रणाली में सुधार व तकनीक के प्रयोग जरूरी |
समीक्षा के बाद कानूनों में हो जरूरी बदलाव |
"जन जागरण मंच" का असली मकसद ? |
पिता का मुकदमा देखते-देखते बन गए दादाजी |
22 साल में न सजा मिली न बरी हुआ |
Tareek pe Tareek ab nahin |
essential n strict limited time period |
Process for speedy justice |
Immediate Justice |
Kaisa ye kanoon bana hai |
जजों की नियुक्ति पारदर्शी हो |
गवाही की प्रक्रिया सरल व पारदर्शी हो |
155 आत्माओं को इंसाफ का इंतजार |
आत्माओं को इंसाफ का इंतजार |
Justice |
पहाड़ सी पीर के पिघलने का इंतजार |
महंगा है न्याय और जनता गरीब |
legal system is not foolproof: time for change |
न खुदा ही मिला न विसाल-ए-सनम |
फर्जी मुकदमों से भी परेशान हैं वादकारी |
नाना का 'कुरुक्षेत्र', नाती 'अर्जुन' |
..और मुर्दा बोला, मैं जिंदा हूं |
ब्रिटिश काल के कानूनों में बदलाव जरूरी |
मरने के चार साल बाद मिला प्रमोशन |
बेटी दादी बन गई फैसला आते-आते |
18 साल से झेल रहा पर्स चोरी का इल्जाम |
Nyay Vyavstha |
Genuine timely Justice |
AAJ KA MUDDA |
nirman-noida |
nayay prakirya |
Human Services and Justice Coordinating Committees |
छिटपुट व गंभीर मुकद्दमे अलग-अलग हो |
त्वरित सुनवाई से सस्ता होगा न्याय |
samay seema tay ho |
न्याय जल्दी मिले |
कानून आम लोगों की भाषा में हो |
नेता ही भ्रष्टाचार के जड़ |
इंसाफ की आस लिए बंद हो गई बूढ़ी आंखें |
मुद्दई गायब, आरोपी लगा रहे अदालत के चक्कर |
हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है न्याय |
भारतीय न्यायव्यवस्था का उद्भव कहाँ से |
न्याय प्रक्रिया में न्याय का आगमन कहाँ से ? |
न्यायपालिका के समक्ष न्याय देने की कठिन चुनौती |
To Provide Early Justice |
Selction of Judges & Court Staff |
speedy justice |
corruption in courts |
satyaspeaks |
न्यायालय की छवि सुधारने की जरूरत |
जिम्मेदारी तो वकीलों की भी बनती है |
सालते रहे तेरह साल |
anyay ki pathshala |
nyay.... dhundte rah jaoge |
Janjagraran for awreness |
सार्थक बहस |
गाड़ी लेकर फंस गया यार. |
आम व्यक्ति को गुमराह होने से बचाना जरूरी |
75 हजार के कर्ज की वसूली 38 साल बाद |
मी लॉर्ड! हमें आसान भाषा दिलाइए |
Nyaya vyavastha me badlaav |
Do we Really Proud To Be Indian !!!! ??? |
मुफ्त कानूनी सलाह नहीं ले पाते हैं गरीब |
JHUTE CASE KA BADHTA BOJH |
गलत मुकदमा पर हो कठोर कार्रवाई |
वर्तमान न्यायिक प्रणाली परेशानी के सिवा कुछ नहीं |
22 साल में आरोप ही तय नहीं |
300 रुपये के लिए खर्च हो चुके एक लाख |
अग्रेजो के जमाने का कानून है अब यह बदलना ही चाहिए |
अदालत के द्वार आज भी जल रही फरियाद |
30 साल, 168 तारीख और नतीजा सिफर |
मुकदमों का बढ़ता बोझ, जिम्मेदार कौन |
यहां तो गवाही देना बन गया गुनाह |
mera desh aur nyaya |
hamari aajadi |
लंबी और जटिल है न्यायप्रक्रिया |
Corruption injudiciary and justice in the hand of influentials |
बदलाव की जरूरत |
DELVING UPON VALUES |
no justice since 4 years |
Use of Arbitration and Conciliation |
Justice to poor |
Cleaning of Society by Confession and Forgiving, Opportunity of Self Punishment or PRAYSCHIT, Reform |
brajkiduniya |
एक तरफ व्यवस्था सारी, दूसरी ओर रामकुमार भारी |
गुलामी के कानून |
नौ की लकड़ी नब्बे खर्च |
Delay in cases in consumer courts |
Legal reforms in India |
police tantra ke karan vifal nyay vyavastha |
KYAA HAI NYAAYA |
nyay ki ahmiyat |
न्याय का जन जागरण |