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 शासन चलता है तलवारों से./Government moves to swords. 11/08/2010 | Posted By रणबीर सिंह 'तन्हा' , advocate.ranbirsingh@gmail बिना दंड के भय से समाज में अपराध को नहीं रोका जा सकता.
Crime in society without fear of penalty can not be stopped. | |
|  समन तामील कानून में संशोधन हो 11/08/2010 | Posted By सुशील कुमार सिंह, कांग्रेस सचिव, हरिद्वार मुकदमा शुरू हो जाने के पश्चात वादी अथवा प्रतिवादी को समन तामील कराने के कानून में परिवर्तन अथवा संशोधन होना चाहिए। | |
|  कानून में संशोधन 09/08/2010 | Posted By ranbir singh ambedkar nagar 1-.nayay milna durlabha hain.2- ijray ke mukadmain kabhi bhi final nahi huye hain.3-court ki gilty 4 -jaj apni power ka istemal karney main darte hain.5-jaj plantiff & defandant nek niyati se work nahi karte hain.5-es ley justic milna durlabha hain. | |
| Road blocks of quick justice 09/08/2010 | Posted By R C Nigam Why people are loosing faith in the Judiciary, is well understood by the cited examples. | |
|  Time to adopt extra-ordinary Measures! 08/08/2010 | Posted By Amit Singh The most difficult issue the Indian judiciary has been trying to tackle for long has been the huge backlogs/arrears of pending cases. It is the right time that we must adopt some extraordinary measures to tackle this extraordinary problem, which is a | |
|  कानून में संशोधन 08/08/2010 | Posted By रणबीर सिंह जज महोदय द्वारा अपने स्वविवेक का अनुपालन कराने में डरते हैं. | |
|  तय समय के बाद भी खिंचते हैं मामले 08/08/2010 | Posted By पश्चिमी दिल्ली, जासं बेहतर न्याय लाएगा बदलाव के साथ दैनिक जागरण की ओर से चलाए जा रहे जन जागरण अभियान की वकील भी काफी सराहना कर रहे हैं। द्वारका कोर्ट बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि मामलों की समय सीमा तय होने के साथ उस पर अमल भी जरूरी है। | |
|  बीवी आ गई वापस, गले पड़ गया केस 08/08/2010 | Posted By नई दिल्ली, जागरण संवाददाता इसे पुलिस की मेहरबानी कहें या कानून की खामी। जिस बीवी ने पति से नाराजगी के चलते उसके खिलाफ दहेज प्रताड़ना व धमकाने की शिकायत की थी, वह चार साल बाद ही घर लौट आई। लेकिन पुलिस की मेहरबानी से उसका पति व देवर 11 साल से झूठे केस में कोर्ट के चक्कर काट रहे | |
|  जवाबदेही तय करनी होगी 08/08/2010 | Posted By पटना, जागरण ब्यूरो सेमिनार में सरकारी वकील निवेदिता निर्विकार इस बात के पक्ष में थीं कि न्यायिक प्रक्रिया में लगे जजों, वकीलों, अनुसंधानकर्ता से लेकर बाकी सभी लोगों की जवाबदेही तय की जाए। जब तक जवाबदेही तय नहीं होगी, लोगों को न्याय दिलाने में लगे सभी तंत्र ठीक ढंग से क | |
|  संस्कृति के पतन ने हमें यहां ला दिया 08/08/2010 | Posted By पटना, जागरण ब्यूरो न्यायिक सुधार के लिए चले जन-जागरण अभियान के तहत आयोजित सेमिनार में अधिवक्ता आशुतोष रंजन पांडेय ने संस्कृति के पतन को न्यायिक व्यवस्था में आयी गिरावट से जोड़कर देखा। | |
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